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‘काशी- तमिल संगमम’ का उद्घाटन, पीएम ने कहा- यह विभिन्न संस्कृतियों का उत्सव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ‘काशी- तमिल संगमम’ कार्यक्रम की शुरुआत की। चर्चित समारोह को संबोधित करते हुए पीएम ने उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु कि संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए “कालजयी केंद्र” बताया।

प्रधानमंत्री मोदी आज अरुणाचल प्रदेश में डोनी पोलो एयरपोर्ट को देश को समर्पित करने के बाद सीधे वाराणसी पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने अपने तमिलियन परिधान से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनका स्वागत हवाईअड्डे पर सीएम योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया।

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काशी भारत की आध्यात्मिक राजधानी, तो तमिलनाडु भारत का सबसे पुराना इतिहास

‘काशी-तमिल संगमम’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, “काशी और तमिलनाडु का यह संगम उतना ही पवित्र है जितना गंगा और यमुना का संगम। जहां काशी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी है, वहीं तमिलनाडु में भारत का सबसे पुराना इतिहास है।”

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उन्होंने आगे कहा कि यह सभा ऐसे समय में आती है जब भारत अपने ‘अमृत काल’ में प्रवेश करता है। भारत एक ऐसा देश है जिसने पिछले 1000 वर्षों से सांस्कृतिक एकता का पालन किया है। नदियों, ज्ञान और विचारों के संगम से संगम हमारे देश में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पीएम नरेंद्र मोदी के अनुसार, 16 दिसंबर तक चलने वाला यह ‘काशी-तमिल संगमम’ भारत की विविध संस्कृतियों का उत्सव है। काशी और तमिलनाडु दोनों ही संस्कृति और सभ्यता के कालजयी केंद्र हैं। दोनों क्षेत्र सबसे पुरानी भाषाओं, संस्कृत और तमिल के केंद्र हैं।

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भारत के विकास में तमिलनाडु की महत्वपूर्ण भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु ने काशी के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तमिलनाडु के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कुलपति के रूप में बीएचयू में बहुत योगदान दिया। ये 130 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी है कि तमिल की इस अद्भुत विरासत को बचाने के साथ ही उसे समृद्धशाली भी बनाना है।

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‘के वेंकट रमणा’ बने विश्वनाथ मंदिर के पहले तमिल ट्रस्टी

तमिलनाडु से राज राजेश्वर की धरा पर पहुंचा 200 तमिल प्रतिनिधियों में से ‘के वेंकट रमणा गणपति’ को बाबा विश्वनाथ मंदिर का पहला तमिल ट्रस्टी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। एएनआई से बातचीत में वेंकट रमणा ने कहा, “काशी के लोग ही नहीं यहां के तमिलनाडु के लोग भी प्रफुल्लित हैं। मेरी नियुक्ति से काशी और तमिलनाडु के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान होगा।”

Shraddha
Shraddha
Journalist, Writer, a history buff with a spiritual mind.

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